Parshuram Jayanti: परशुराम जयंती, जानें परशुराम जयंती की कहानी-शुभ पूजा मुहूर्त

Parshuram Jayanti: परशुराम जयंती, जानें परशुराम जयंती की कहानी-शुभ पूजा मुहूर्त

Parasuram Jayanti Pooja 2020-परशुराम भगवान शिव के अनन्य भक्त थे. ऐसा माना जाता है कि इन्होंने धरती पर 21 बार क्षत्रियों का संहार किया था.
Parshuram Jayanti in Hindi
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Parshuram Jayanti 2020: आज परशुराम जयंती मनाई जा रही है. 


परशुराम जयंती हर साल अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है. लेकिन इस बार पंचांग में भेद की वजह से कुछ जगहों पर 25 अप्रैल तो कहीं कहीं पर 26 अप्रैल को भी परशुराम जयंती मनाई जाएगी. इस बार परशुराम जयंती प्रदोष काल में लॉकडाउन में पड़ी है. इस वजह से परशुराम जयंती बेहद शान्ति के साथ मनाई जाएगी और कोई भी धार्मिक समारोह या शोभा यात्रा नहीं निकाली जाएगी. लोग अपने अपने घरों में परशुराम जी की पूजा करेंगे. हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं. ऐसा माना जाता है कि भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं.


परशुराम जयंती 2020 | जानिए Bhagwan Parshuram के बारे में

परशुराम भगवान शिव के परम भक्त थे. पौराणिक मान्यता है कि इन्होंने धरती पर 21 बार क्षत्रियों का संहार किया था. यहां तक कि एक बार गणेश भगवान को भी इनके गुस्से का शिकार होना पड़ा था. क्रोध के कारण परशुराम जी ने गणेश भगवान पर फरसे का वार कर दिया था जिससे उनका एक दांत टूट गया था. मत्स्य पुराण में इस बात का जिक्र है कि अक्षय तृतीया के दिन जातक अगर जरूरतमदों को दान करे तो उसका कई गुना फल मिलता है. ये भी मान्यता है कि इसी दिन से सतयुग की शुरुआत हुई थी.


About Lord Parasuram in Hindi

हिंदू धर्म शास्त्रों में लिखा है कि भगवान परशुराम का जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया के दिन हुआ था. देवराज इन्द्र ने भृगुश्रेष्ठ महर्षि जमदग्नि के पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न होकर ऋषि की पत्नी रेणुका को परशुराम के जन्म का आशीर्वाद दिया था. उनका वास्तविक नाम जामदग्न्य था. पिता भृगु ऋषि ने नामकरण संस्कार के तहत उनका नाम राम, जमदग्नि का पुत्र होने के कारण जामदग्न्य और शिवजी द्वारा प्रदत्त परशु लेने के कारण उनका नाम परशुराम पड़ा.

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